Bhaisa Ghat Waterfall Damoh

दमोह में एक ऐसा भी झरना मौजूद हैं जिसे एक बार में पूरा कभी देखा नहीं जा सकता

अगर आप सोचते हैं कि मध्य प्रदेश के जंगलों में सिर्फ पेड़ और नदियाँ हैं, तो भाई साहब, आप प्रकृति के सबसे बड़े और खतरनाक अजूबे से अनजान हैं। पिछले हफ्ते जब मैं दमोह और जबलपुर की सीमा पर स्थित रानी दुर्गावती वन्यजीव अभ्यारण्य के घने जंगलों को चीरता हुआ भैंसाघाट पहुँचा, तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए। MP के जंगलों में छुपा एक ऐसा वॉटरफॉल, जहाँ की चिकनी चट्टानें और बंदर अच्छे-अच्छों के होश उड़ा देते हैं!

चलिए, बिना किसी बनावट के AryanGo के सभी दोस्तों को ले चलता हूँ एक ऐसे सफर पर जहाँ असीम शांति भी है और जान का जोखिम भी! भैंसाघाट का निदान जलप्रपात: इंस्टाग्राम रील का सच या सिर्फ एक खतरनाक ठगी? जानिए मेरा लाइव अनुभव। यहाँ पर मौजूद है नजारा पॉइंट, वीरांगना रानी दुर्गावती का सिंगौरगढ़किला।

दमोह जिले का भैसा घाट निदान जलप्रपात(Bhaisa Ghat Nidan Waterfall Damoh)

भैसा घाट जलप्रपात जाने के लिए जबलपुर से दमोह हाईवे रोड पर सिग्रामपुर गाँव की पुलिस चौकी और वीरागना रानी दुर्गावती प्रतिमा के बीचो-बीच से तेंदुखेडा के लिए 27 मील रोड गया है, इसी में आपको 5 km पे स्थित है। सिग्रामपुर और तेंदुखेडा रोड से 500 मीटर एवं वीरागना रानी दुर्गावती सिंगौरगढ़ इतिहासिक किला स्थल से 3 किलोमीटर पर स्थित है।

Nidan Kund Water Fall Bhaisaghat Damoh Madhya Pradesh
मेरे लाइव कैमरे से खींची गई भैंसाघाट के निदान जलप्रपात की विशालकाय और फिसलन भरी चट्टानों की रीयल फोटो

यह प्रथ्वी पर निवास करते जीवों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होता है। ऐ जंगल ,नदियाँ ,पहाड़ और पेड़-पौधे कुछ इस प्रकार अंकित हैं मानो जैसे इस पृथ्वी की खूबसूरती पर चार चाँद लग गए हों। दमोह-जबलपुर बॉर्डर का वो छुपा हुआ झरना, जहाँ जाने से पहले लोग नेटवर्क और सुरक्षा की दुआ मांगते हैं! भैसा घाट निदान जलप्रपात दमोह, मध्य प्रदेश, भारत में स्थित एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।

सफर से पहले जान लो: MP के झरनों का असली रिपोर्ट कार्ड

यार, भैंसाघाट और उसके आसपास की रानी दुर्गावती की इस ऐतिहासिक भूमि में सिर्फ यही एक झरना नहीं है। इसके पास ही सिंगौरगढ़ का प्राचीन किला और कई अन्य रहस्यमयी अजूबे छिपे हैं। आगे बढ़ने से पहले, आपका कीमती समय और पैसा बचाने के लिए मैंने मध्य प्रदेश और इस क्षेत्र के झरनों को बिल्कुल साफ कैटेगरीज में बांट दिया है। गर्मी में सूखे और बिल्कुल बकवास लगने वाले झरने: निदान जलप्रपात (मार्च से जून के बीच यहाँ जाना सिर्फ पत्थरों को देखना और समय की बर्बादी है)।

भैसाघाट नाका

भैसाघाट नाका यह स्थान बहुत खूबसूरत है आपको यह पर आकर मजा आ जायेगा। यह पर इतनी खूबसूरत चट्टानों है कि बस चट्टानों को देखते रहों। यह जगह देखने के लिए आपको भैसाघाट से ऊपर आना होता है। यहां पर आपको वन विभाग का कार्यालय मिल जाएगा। कार्यालय में आपको अपनी गाडी का टिकट लेनी होती है हम लोगों का यहाँ 80 रूपए 1 बाइक लगा था।

यहां पर वैसे गार्ड भी रहता है। यह पर आपको खुद ही सुरक्षित रहना पडेगा और झरने के आसपास भी आप अपना ध्यान स्वयं रखे।
यह पर आपके खाने पीने की दुकाने नहीं मिलेगी इसलिए आप अपने साथ खाने पीने का सामना साथ लेकर जाए एवं जो भी कचरा हो वो अपने साथ वापस लाये।
कुछ टिप्स आपके लिए आप :-

  1. यह पर आप शूज पहन कर आये क्योकि वहां आपको चलने में आरामदायक होगा।
  2. अपने लिए खाने एवं पीने का पानी स्वयं लाये क्योकि यहां पर आपको दुकान नहीं मिलेगी।
  3. बच्चे एवं बूढे के लिए यह का पहाडी रास्ता रिस्क हो सकता है इसलिए आप इस बात का जरूर ध्यान दें।
  4. पहाड़ी चट्टानों के पास पानी वाली जगह पर बहुत ज्यादा फिसलन होती है इसलिए सुरक्षा का बहुत ज्यादा ध्यान दें क्योंकि आपको गंभीर चोट लग सकती है ।
  5. सेल्फी के चक्कर में खाई के करीब न जाए क्योकि यह रिस्की हो सकता है।
  6. यह मेरे आपस प्रार्थना है कि इतना अच्छा दर्शनीय स्थल का गंदा न करें अगर आप पाॅलीथिन या पानी की बोतल लेकर आते है उसे डस्टबिन में डाले।
  7. इस जगह का आंनद आप अपनी फैमिली , फेडस और कप्लस लोग भी आ सकते है। यह पर छुटी के दिन बहुत भीड रहती है।
  8. आप यहां पर जाकर बहुत मजे कर सकते है।
  9. बरसात के समय में यह पर अचानक झरने में पानी बढ सकता है तो आप संभल कर रहें।
    यह पर आकर आपको जरूर अच्छा लगेगा आप यहां पर आये हो या आने वाले हो तो हमे जरूर कमेंट कर बताना।

फैमिली के लिए टॉप 3 सेफ वॉटरफॉल्स: धुआंधार (जबलपुर), अमरकंटक के झरने, और भेड़ाघाट।

दोस्तों के साथ एडवेंचर वाले टॉप 3 झरने: भैंसाघाट का निदान जलप्रपात, सिंगौरगढ़ वॉटरफॉल, और पंचमढ़ी के गहरे फॉल्स।

जबलपुर और दमोह की सीमाओं को छूता हुआ यह इलाका जितना खूबसूरत है, उतना ही यहाँ अनजान मुसाफिरों को तंग किया जाता है। आइए इस लिस्ट के सबसे पहले और मुख्य झरने का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोलते हैं:

  • निदान जलप्रपात (भैंसाघाट) – मेरा लाइव अनुभव:
    भाई साहब, हरी-भरी पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच जब आप पक्षियों की चहचहाहट सुनते हुए यहाँ पहुँचते हैं, तो मन पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो जाता है। लेकिन सच बताऊँ? रील्स में जो पानी दूध जैसा सफेद और शांत दिखता है, हकीकत में यहाँ की भैसाघाट पहाड़ी की खड़ी चड़ाई और चट्टानें इतनी चिकनी हैं कि अगर आपका पैर एक इंच भी फिसला, तो सीधे अस्पताल का टिकट कट जाएगा। प्रकृति यहाँ अपनी अनमोल छटा तो बिखेरती है, पर सुरक्षा के इंतजाम जीरो हैं। छोटे बच्चे एवं बूढे लोगो को यह पर चलने मे जरूर परेशानी हो सकती है।
  • दूरी और समय:
    यह सुरम्य झरना दमोह जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर और जबलपुर से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित है। गाड़ी या स्कूटी से घने जंगलों के रास्तों को पार करते हुए यहाँ पहुँचने में आपको लगभग 1.5 से 2 घंटे का समय लगेगा। प्राकर्तिक नजारा से भरपूर खूबसूरत स्थान जो लहराती बलखाती पहाड़ी पर चढ़ती हुई खतरनाक सड़क जो डरावनी और सुन्दर दोनों है ।
  • जाने का सबसे बेस्ट समय:
    यहाँ जाने का असली मजा सिर्फ मानसून के ठीक बाद यानी सितंबर से लेकर जनवरी के बीच ही है। जनवरी के बाद पानी बहुत कम हो जाता है और यह जगह अपनी वो रौनक खो देती है।
  • स्कैम या सुरक्षा अलर्ट (Be Careful!):
    यहाँ का सबसे बड़ा झंझट मोबाइल नेटवर्क का पूरी तरह गायब हो जाना है—कोई अनहोनी हो जाए तो आप फोन भी नहीं कर सकते। इसके अलावा, यहाँ लोकल पार्किंग के नाम पर आपसे अवैध तरीके से ₹50 से ₹100 की जबरन वसूली की जा सकती है, जिसके बदले कोई पक्की रसीद नहीं मिलती। सबसे बड़ा खतरा यहाँ के आवारा बंदर हैं, जो आपकी गाड़ी का शीशा या हाथ से खाने का बैग और कीमती फोन छीनकर भाग जाते हैं।
  • नेचुरल एफिलिएट लिंक:
    पहाड़ों के पत्थरों और निदान की इन चिकनी चट्टानों पर नॉर्मल फ्लैट चप्पल या कैजुअल जूते पहनकर जाने की भूल कभी मत करना, भाई पैर मुड़ गया तो पूरी ट्रिप का कबाड़ा हो जाएगा। आप अपनी सेफ्टी के लिए एंटी-स्लिप ग्रिप वाले ये शूज देख सकते हैं: 👉 ट्रेकिंग शूज की रेंज यहाँ देखें

नोहटा शिव मंदिर (नोहलेश्वर शिव मंदिर) दमोह बहुत खूबसूरत नक्काशियों से परिपूर्ण कल्चुरी काल में निर्मित एक बहुत ही आकर्षित मंदिर है


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दोस्तों, भैंसाघाट के इस एडवेंचर में मुझे प्रकृति की असीम शांति तो मिली, लेकिन नेटवर्क के गायब होने और बंदरों के आतंक ने थोड़ा डरा भी दिया।

  1. क्या आपके साथ भी कभी किसी वॉटरफॉल या जंगल की ट्रिप पर बंदरों ने सामान छीना है या लोकल लड़कों ने पार्किंग के नाम पर लूट मचाई है? नीचे कमेंट में उस जगह का नाम लिखकर अपनी भड़ास निकालिए ताकि AryanGo के बाकी भाई-बहन सतर्क रहें!
  2. अगर आप अगले कुछ दिनों में दमोह, जबलपुर या इस अभ्यारण्य में जाने का प्लान कर रहे हैं, तो बिना शर्माए कमेंट में अपनी डेट्स और बजट लिख दीजिए, मैं खुद आपको फ्री में बेस्ट रूट प्लान बनाकर दूंगा।

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मैंने मध्य प्रदेश के इस पूरे रूट के सभी 40 वॉटरफॉल्स का एक ऑफलाइन गूगल मैप रूट और सीक्रेट रास्तों की फ्री डिजिटल पीडीएफ चेकलिस्ट तैयार की है, जो बिना नेटवर्क के भी आपके फोन में काम करेगी। इसे बिल्कुल मुफ्त पाने के लिए नीचे अपना ईमेल डालकर अभी सब्सक्राइब कर लें

अगले हफ्ते मैं इस लिस्ट के दूसरे सबसे डरावने और गुप्त झरने की पोल खोलने वाला हूँ, जहाँ रात में इंसानों का जाना सख्त मना है… तब तक के लिए, सावधान रहिए और घूमते रहिए!

“अगर आप इस झरने के पास रुकने के गुप्त ठिकानों, रानी दुर्गावती अभ्यारण्य के जंगली जानवरों और रास्ते के ढाबों की पूरी कहानी गहराई से जानना चाहते हैं, तो मेरी यह सीक्रेट गाइड पढ़ें:

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