मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित नाहन देवी मंदिर कटंगी की एक विशेष पहचान हैं। हिरन नदी के बीचों-बीच में एक प्रकृति के द्वारा निर्मित पर्वत जैसी अनोखी आकृति वाली ऊची और बहुत ही अद्भुत शिला हैं । जबलपुर शहर से लगभग 45 किलोमीटर दूर दमोह रोड पर स्थित है। दमोह हाईवे से करीब 5 किलोमीटर अंदर ककरहटा गांव में स्थित यह स्थल हिरन नदी के किनारे बसा हुआ है।
एक ऐसा पवित्र स्थल है, जहां प्रकृति, आस्था और चमत्कार तीनों का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। जब मैं यहाँ पहुचा तब मैंने एक बड़ी सी चट्टान देखी और साथ में ही हिरन नदी का गन्दा पानी देखा जो इस घुमने की जगह के हिसाब से मुझे ठीक नहीं लगा।
आसपास के गांव वाले लोगों में इस स्थल के प्रति बहुत आस्था व श्रद्धा रखते है। देवी मंदिर देवी माँ के रूप में पूजा जाता है। बहुत से दूर-दूर से लोग यह पर मंदिर के दर्शन करने व घुमने के लिए आते हैं। मंदिर के बारे में यह भी कहा जाता है कि, जो भी व्यक्ति इस मंदिर में आकर देवी के सामने मन्नत मांगता है। उसकी सारी मन्नत जरूर पूरी होती है और वह दोबारा मंदिर में देवी माँ के दर्शन करने के लिए जरूर आता हैं।


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नदी के बीच स्थित चट्टान बनी आस्था का केंद्र
इस मंदिर की सबसे खास पहचान है हिरन नदी के बीच मौजूद विशाल प्राकृतिक चट्टान, जिसे श्रद्धालु मां नाहन देवी का स्वरूप मानकर पूजा करते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह चट्टान बाढ़ के दौरान भी नहीं डूबती, जिसे लोग देवी की कृपा मानते हैं।


नाहन देवी मंदिर कटंगी
जबलपुर जिले से निकलने वाली हिरण नदी के बीचो-बीच बना नाहन देवी मंदिर बीच नदी में होने के कारण मंदिर का द्रश्य अत्यधिक सुन्दर और शानदार लगता हैं। नदी के बीचों-बीच एक बहुत बड़ी चट्टान को देवी माँ के रूप में पूजा जाता हैं।
चट्टान के पास में आपको छोटे-छोटे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। वर्षात के समय में जब नदी में बाढ़ आती है, तो यहाँ के छोटे-छोटे मंदिर पानी से डूब जाते हैं उस समय एक बड़ी चट्टान देखने को मिलती है, जिनकी लोग देवी माँ के रूप में पूजा करते हैं। यह चट्टान जितनी ऊपर हैं उससे दो गुनी अधिक पानी के अन्दर हैं।
नाहन देवी मंदिर का मेला
3 साल के बाद फिर एक बार लगा नाहन देवी का मेला यह मेला नाहन देवी में सार्दीय नवरात्रि के समय में बहुत बड़ा मेला लगता हैं, और 14 जनवरी दिन मंगलवार अर्थात मकर संक्रांति के समय विशाल मेले का आयोजन होता हैं यह मेला एक सप्ताह 7 दिनों के लिए लगता हैं।
नाहन देवी में श्रद्धालुओं का सैलाब, 7 दिवसीय मेले में उमड़ी रिकॉर्ड भीड़। जबलपुर जिले के कटंगी क्षेत्र स्थित ककरहटा गांव में नाहन देवी मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते सुर्खियों में है। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां 14 जनवरी से 7 दिवसीय पारंपरिक मेला शुरू हुआ है, जिसमें जबलपुर सहित आसपास के जिलों से हजारों लोग पहुंच रहे हैं।
50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
मेला समिति के अनुसार अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु देवी के दर्शन कर चुके हैं। तीन वर्षों के अंतराल के बाद इस बार मेले की रौनक फिर लौटी है। मैदान में दुकानों, झूलों और खाने-पीने के स्टॉल लगाए गए हैं।
जिसकी तैयारियां एक हफ्ते पहले से शुरू कर दी जातीं हैं। इस मेले को देखने के लिए दूर-दूर से लोग बड़ी संख्या में अपने पूरे परिवार के साथ में आते हैं। इस मेले में आपको झूले एवं तरह-तरह की दुकानें देखने के लिए मिल जाती हैं।


लोगों में नाहन देवी के प्रति इतनी अधिक श्रद्धा की भावना है, कि लोग किसी भी चीज की परवाह नहीं करते हैं। नाहन देवी मंदिर पर नवरात्रि के समय में हमने यह देखा है, कि नदी में पानी की धारा तेज रहती मगर फिर भी लोग फिर भी लोग अपनी जान की परवाह न करते हुए बीच नदी में स्थित चट्टान में लोग देवी माता के दर्शन करने के लिए जाते हैं।


देवी माँ मंदिर के पास में ही आपको नारियल अगरबत्ती की दुकान देखने के लिए मिल जाएगी। जहां से आप देवी जी को प्रसाद चढ़ाने के लिए खरीद सकते हैं। हिरण नदी के पास में बना होने से नाहन देवी मंदिर का दृश्य बहुत ही खूबसूरत और आकर्षक लगता है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष प्लान बनाया गया है।
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव
- मेले के कारण ककरहटा-कटंगी मार्ग पर भारी वाहनों की एंट्री सीमित की गई है,
- पार्किंग के लिए अलग स्थान निर्धारित किया गया है
- ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है
- श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्देशों का पालन करें।
भागवान शिव शंकर के चरणों से हुआ हिरन नदी का उद्गम कुंडेश्वर धाम कुण्डम जबलपुर मध्य प्रदेश
कड़ाके की ठंड में भी आस्था मजबूत


मकर संक्रांति पर कड़ाके की ठंड के बावजूद
हजारों श्रद्धालु हिरन नदी में स्नान कर रहे हैं और देवी के दर्शन कर रहे हैं।
धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन
मेले के दौरान, यज्ञ, भागवत कथा एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।


प्रशासन सतर्क, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने
✔ पुलिस बल तैनात किया है
✔ घाट पर गोताखोरों की टीम लगाई गई है
✔ सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है
✔ मेडिकल टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है
इस स्थान में नदी इतनी गहरी है। यदि कोई डूब जाता है, तो यह मुश्किल हे, कि वह लौटकर के वापस आयेगा। यहां पर पानी में बहुत सारी मछलियां भी देखने के लिए मिल जाती हैं। यहाँ पर पंछियों की आवाज बहुत ही सुरीली और मधुर लगती है। तोते यहां पर टाय-टाय की आवाज करते रहते हैं, जिनकी आवाज हम सबको बहुत अच्छी लगती हैं।


यहाँ छोटे-छोटे तीन मंदिर एक साथ एक ही चट्टान पर बने हुए हैं, वहीं दूसरी चट्टान की तरफ सिद्ध बाबा और काली माता की प्रतिमा मुख्य रूप से विराजमान है। यहां पर आकर बहुत ही अच्छा और कुछ अलग ही प्रकार का महसूस होता है। हर तरफ प्राकृतिक दृश्य का बहुत खूबसूरत और द्रस्यमय भरा दिखाई देता है। यह पर आप शांति से कुछ समय बिता सकते हैं।
नाहन देवी मंदिर कहाँ पर है
मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के जबलपुर दमोह रोड में नाहन देवी मंदिर स्थित है। नाहन देवी मंदिर कटंगी के पास में ही स्थित है। यह मंदिर कटंगी के पास ककरहटा गांव में स्थित है। आपको मंदिर में जाने के लिए पहले ककरहटा गांव में जाना पड़ता है। इस गांव में जाने के लिए पक्की सड़कें बनी हुई हैं।


यहाँ पहुँचने में आपको इसका बड़ा सा प्रवेश द्वार जबलपुर दमोह हाईवे रोड में ही देखने को मिलगा। मंदिर तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क बनाई गई हैं। जिनके द्वारा आप आसानी से नाहन देवी मंदिर तक पहुंच जायेंगे।
वहुत प्रसिद्ध है यह 750 एकड़ के मालगुजार का मुरैठ मंदिर
नाहन देवी के पास में ही हनुमान बाग मंदिर खजरी आश्रम
जब भी आप नाहन देवी दर्शन करने जाएँ अगर आपके पास थोडा सा समय और निजी वाहनहो तो हनुमान बाग अवश्य आये। यहाँ पर भगवान शिव जी का एक मंदीर एवं दूसरा हनुमान जी वहुत ही सुन्दर मंदीर बना हुआ है। साथ ही यहाँ पर बहुत ही सुन्दर गार्डन है जो हनुमान बाग के नाम से जाना जाता है।


हनुमान बाग मंदिर खजरी आश्रम
हनुमान बाग खजरी : अगर आप नाहन देवी के दर्शन को आते है, खासकर नये साल की पिकनिक और छुट्टियाँ मनाने तो आप हनुमान बाग अवश्य आये। यहाँ पर भगवान शिव जी का एक मंदीर एवं दूसरा हनुमान जी वहुत ही सुन्दर मंदीर बना हुआ है। साथ ही यहाँ पर बहुत ही सुन्दर गार्डन है जो हनुमान बाग के नाम से जाना जाता है।
हनुमान बाग में आप नये साल के अवसर पर परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने यहाँ आ सकतें है यह क्षेत्र वहुत ही शांत वातावरण में मौजूद हैं। यहाँ पर आपकों आकर वहुत ही ज्यादा अच्छा लगेगा।
हनुमान बाग खजरी कटंगी के पास में ही बना हुआ हैं जो बहुत सुन्दर और सम्रध स्थान हैं यहाँ पर हनुमान दादा का सुन्दर और दार्शनिक मंदिर बना हुआ हैं जो जबलपुर जिले में अत्यधिक प्रसिद्ध व फैमस हैं जिसे देखने के लिए लोग अधिक संख्या में आते हैं इस मंदिर के चारों ओर हरयाली भरा मैदान फैला हुआ हैं जिस कारण यहाँ की सुन्दरता और भी चम-चामने लगाती हैं।






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