Panna National Park

Panna National Park : पन्ना राष्ट्रीय उद्यान एक यादगार यात्रा !

Panna National Park : पन्ना राष्ट्रीय उद्यान भारत के मध्य प्रदेश राज्य के उत्तरी भाग में विंध्य पर्वत श्रृंखला, बुंदेलखंड क्षेत्र पन्ना और छतरपुर जिलों में स्थित है। यह भारत के 54 बाघ अभयारण्यों में से एक है और 542 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला है, विस्तृत भूभाग में पठार और घाटियाँ हैं।

पार्क बाघ, तेंदुए, सुस्त भालू, चीतल, सांभर, नीलगाय, बारासिंघा और चिंकारा सहित कई प्रकार के वन्यजीवों का घर है। केन नदी पार्क के माध्यम से बहती है, और मगरमच्छ और घड़ियाल जैसे विभिन्न जलीय वन्यजीवों के लिए आवास प्रदान करती है, जो भारत के 567 वन्यजीव अभयारण्य में से एक।

पार्क विभिन्न प्रकार के पक्षियों का भी घर है, जिनमें मोर, तीतर, बटेर, तोता और चील शामिल हैं। भारत के 106 राष्ट्रीय उद्यानों में से एक पन्ना राष्ट्रीय उद्यान अपनी समृद्ध वनस्पतियों के लिए भी जाना जाता है, जिसमें सागौन, साल, महुआ और तेंदू शामिल हैं। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में पार्क का भूभाग पड़ता है।

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान एक सुखद और यादगार यात्रा जो पन्ना नेशनल पार्क पन्ना से लेकर छतरपुर जिले में फैला हुआ है। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान आपको बाघ देखने को मिल जाएंगे।

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Panna National Park

साथ ही यहां विशाल विशाल आकार के विलुप्तप्राय गिद्ध और अन्य वन्यजीवों के भी देख सकते हैं, साथ ही दो हज़ार साल से भी पुराने शैल चित्रों से पूरा पार्क समृद्ध है। इस पार्क में आपको तेंदुआ, भालू, हिरण, बंदर, चीता और मगरमच्छ और कई प्रकार की विलुप्तप्राय चिड़ियों की प्रजाति को भी आप देख सकते हैं। आपको यहां आने के लिए नेशनल पार्क से एंट्री टिकट लेना होगा।


इसके लिए आपको फीस भी पे करनी पड़ेगी। यहां पर आने के लिए आपके पास दो रास्ते हैं पहला रास्ता जिससे आपको इस पार्क में एंट्री करनी है; उसे मैधा गेट के नाम से जाना जाता है। दूसरा गेट को हिनौता गेट कहते हैं आप यहां से अगर अंदर आएंगे तो आपको बहुत ही अच्छा लगेगा।

आप जब यहां आते हैं तो आपको एक गाइड को भी बन विभाग से लेना पड़ता है साथ ही आपको बन विभाग से जीप भी लेनी पड़ती है। यह प्राइवेट व्हीकल अलाउड नहीं है। स्पार्क को घूमने के लिए आपको एक दिन तो काफी नहीं हो सकता।इसलिए आप कम से कम 3 दिन का समय निकाल कर आयें। इसलिए यहां रुकने के लिए बहुत अच्छी व्यवस्थाएं भी मौजूद है। आप यहां रेस्ट हाउस में विश्राम भी कर सकते हैं।

Panna National Park : एक सुखद और यादगार यात्रा

दोस्तों के साथ कहीं घूमने जाने की तैयारी तो काफी दिनों से चल रही थी।अपने काम से जो हम बोर हो चुके थे, रोज भागदौड भरी जिन्दगी से जाएं कहां फिर हमने ऑनलाइन एमपीफॉरेस्ट का वेबसाइट पर जाकर देखा पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों की तो किस्से-कहानी बहुत सुने थे।

Tiger Panna National Park
Tiger Panna National Park

सोचा चलो देख कर आते हैं तो लो कर ली भाई तैयारी बस क्या था? सुबह-सुबह 4:30 पर दोस्तों के साथ निकल पड़े पन्ना के सफर पर, रास्ते में बहुत सुंदर से सुंदर मनोहर दृश्यों के साथ पन्ना आना हुआ। यहां आकर जीवन का एक अलग ही एहसास हुआ मैं अपनी यात्रा का और भी विवरण आपको अगले लेख में दूंगा अभी फिलहाल आपको पन्ना टाइगर रिजर्व की मुख्य जानकारी से रूबरू करा रहा हूं।

जंगलों के बीच टाइगर सफारी का मजा (Panna Tiger Reserve)

आज पन्ना के जंगलों में उन्मुक्त घूमते बाघ, इस बात के संकेत हैं कि पन्ना बाघों का प्राकृतिक आवास है।
आज बाघ संरक्षण के उद्देश्य को पूरा करने वाला पन्ना टाइगर रिजर्व का उद्देश बाघ संरक्षण के अलावा अन्य जीवो को बचाना ही हैं जिससे वन्य जीव खादय श्रंखला को भी बचाना है।

जीप सफारी : Panna National Park

पन्ना नेशनल पार्क जीप सफारी एक ऐसी रोमांचकारी गतिविधियां है जिसे आप को पन्ना यात्रा में अवश्य शामिल करना चाहिए। क्योंकि पन्ना नेशनल पार्क घूमने का सबसे लोकप्रिय संसाधन में से एक जीप सफारी यात्रा है। आपको बफर जोन केन रिवर लॉज द्वारा नाइट सफारी की भी पेशकश की जाती है। अगर आप पन्ना टाइगर रिजर्व आते हैं आप जीप सफारी का मजा जरूर लें।

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में हाथी की सफारी

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में हाथी की सफारी एक अन्य प्रकार का रोमांच या एक साहित्यिक भरा कदम भी है जवाब पन्ना नेशनल पार्क के हरे-भरे जंगलों के अंदर हाथी की पीठ पर एक गाइड के साथ घूमने जाते हैं जहां आप हाथी के पीठ पर सवार होकर जीप सफारी की तुलना में और दूर तक आसानी से देखे सकतें हैं।

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में नौका विहार

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में नौका विहार का भी आनंद ले सकते हैं जहां आप कोई भी जानवर देख सकते जो अपनी प्यास बुझाने के लिए नदी किनारे आते हैं यदि आप पक्षियों को देखना पसंद करते थे और उनकी गतिविधियों को देखकर आपको खुशी होती है तो आप नौका विहार का आनंद उठा सकते यहां आपको अनेक प्रकार के पक्षियों की प्रजाति की विस्तृत संतरा देखने को मिलेगी नदी के साथ पानी में नौका विहार का पूरा अनुभव मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है।

केन नदी पर नौका विहार का आनंद आप पन्ना नेशनल पार्क की घाटियों से बहती हुई आधार कार्ड जलधारा जो पन्ना नेशनल पार्क को कवर करती हैं यह आपको लंबी सुतल वाले घड़ियाल अजगर और अन्य जलीय तो जातियों का देखने को भी मिलेगा।
आप सुबह 7:00 बजे से लेकर सुबह 9:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से लेकर 5:00 बजे तक नौका विहार का आनंद ले सकते हैं।

वर्ष 2009 में पन्ना बाघ विहीन हो चुका था। वन्य प्राणी प्रबंधन ने वन्य प्राणी खास कर बाघों को सुरक्षित माहौल दिया। बाघों के संरक्षण एक बड़ी चुनौती थी। पन्ना टाइगर रिजर्व के बेहतर बाघों का आवास बनाया।

खड़ी चट्टानों की ऊपर ऊंचे में लटकते मधुमक्खी के छत्ते, शर्मीले स्वभाव के वन में घूमते तेंदुए, वन में विचरण करते भालू और उछलते और कुंदते भागते हिरण आपको यहां देखने को मिल जाएंगे।

हिरण के तो क्या कहने को तो यही सैकड़ों की संख्या में देखने को मिल जाएंगे। पन्ना टाइगर रिजर्व में एक और विशिष्ट पहचान दिलाई है एक वन्य जीव ने जो गिध्य हैं।

Panna National Park Madhya Pradesh : पन्ना में बाघों के ऊपर मंडराते गिद्धों पर एक नजर

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान 1981 में बनाया गया था। इसे 1994 में भारत सरकार द्वारा एक प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। राष्ट्रीय उद्यान में 1975 में बनाए गए पूर्व गंगऊ वन्यजीव अभयारण्य के क्षेत्र शामिल हैं। इस अभयारण्य (Panna National Park Madhya Pradesh) में वर्तमान उत्तर और दक्षिण के क्षेत्रीय वन शामिल हैं।

Panna National Park Madhya Pradesh
Panna National Park Madhya Pradesh

हम कितने खुद किस्मत हैं, जो आज भी अपने पूर्वजों की धरोहर को देख पा रहे हैं। धरोहरों की बात हो और खजुराहो की ना हो तो ऐसा कैसे हो सकता है जो अपने सिल्प स्थापित कला का एक नायाब नमूना है। कहा जाता है आप पन्ना आए और खजुराहो नहीं देखा तो आपकी यात्रा अपूर्ण है।

पन्ना वन प्रभाग जिसमें बाद में छतरपुर वन प्रभाग का एक हिस्सा जोड़ा गया था। पन्ना जिले में पार्क के आरक्षित वन और छतरपुर की ओर कुछ संरक्षित वन अतीत में पन्ना, छतरपुर और बिजावर रियासतों के पूर्व शासकों के शिकार के शिकार थे।

Panna Tiger Reserve

पन्ना भारत का बाईसवां टाइगर रिजर्व और मध्य प्रदेश में पांचवां टाइगर रिजर्व है। रिजर्व विंध्य पर्वतमाला में स्थित है और राज्य के उत्तर में पन्ना और छतरपुर जिलों में फैला हुआ है।

वन प्राणी हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है। घने पर्णपाति जंगल के बीच ऐतिहासिक अवशेष और अद्भुत अद्वितीय भू आकृति सैकड़ों किस्म के असंख्य वन्य जीव यह सब मिलकर पन्ना को एक विशिष्ट पहचान देते हैं और इसी पहचान को संरक्षित करने के लिए सन 1981 में पन्ना राष्ट्रीय उद्यान का गठन हुआ तब से ही पन्ना को एक श्रेष्ठ वन्य प्राणी रहवास बनाने का काम चल रहा है।

तब से लगातार प्रयास करने के बाद लगभग एक दशक के बाद वन्य प्राणियों से आबाद पन्ना के घने जंगल हो गए विशेषकर बाघों से आबाद हो गए तब वर्ष 1994 में इसे टाइगर रिजर्व का दर्जा भी मिल गया विंध्याचल की गोद में बसा पन्ना के जंगलों ने बाघों की सल्तनत के कई उतार-चढ़ाव देखा हैं।

यहाँ देखने को मिलेगा जंगल के राजा बाघ, इस सुरक्षित वन क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से घूमते हैं, हालांकि इनके अलावा भी आपकों तेंदुए, जंगली कुत्ते, भेड़िया, लकड़बग्घा और छोटी बिल्लियों आदि भी के देखने को मिलेगी। 

सुस्त सा देखने वाला भालू आपकों यहाँ चट्टान के ढलानों पर देखने को मिलेगा और इन अबाधित घाटियों में उसका सबसे पसंदीदा घर भी मौजूद है।

पन्भना में गवान शिव के पसीने की एक बूंद गिरी थी जहाँ उस किले की रक्षा आज भी एक शापित राजकुमार करता हैं?

Panna National Park

पार्क के इन जंगली क्षेत्रों में भारतीय हिरणों का सबसे बड़ा झुण्ड और सांबर, चीतल और बारासिंघा भी देखने को मिलगे। 

ब्लू बुल और चिंकारा को घास के मैदानों के अधिकांश खुले क्षेत्रों में, विशेष रूप से परिधि पर आप आसानी से देख सकतें  है। एविफौना में प्रवासी पक्षियों के एक मेजबान सहित 250 से अधिक प्रजातियां शामिल हैं। कोई सफेद गर्दन वाला सारस हैं, बरहेडेड गूज, हनी बज़र्ड, ब्लॉसम हेडेड पैराकीट, पैराडाइज फ्लाईकैचर, स्लेटी हेडेड स्किमिटार बब्बलर सहित गिद्धों की 5 प्रजातियों को भी देख सकतें है। 

शुष्क और गर्म जलवायु वाले क्षेत्र, उथली विंध्य मिट्टी के साथ मिलकर शुष्क सागौन का जंगल और शुष्क मिश्रित वन को जन्म दिया है। प्रमुख वनस्पति प्रकार विविध शुष्क पर्णपाती वन है जो चरागाह क्षेत्रों के साथ फैला हुआ है। 

अन्य प्रमुख वन जो नदी के किनारे, खुले घास के मैदान, लंबी घास के साथ खुले जंगल और कांटेदार जंगल हैं। इस क्षेत्र की विशिष्ट पुष्प प्रजातियों में पेड़ की प्रजातियां शामिल हैं जैसे टेक्टोना ग्रैंडिस, डायोस्पायरोस मेलानॉक्सिलॉन, मधुका इंडिका, बुचनिया लैटिफोलिया, एनोजिसस लैटिफोलिया, एनोजिसस पेंडुला, लैनेकोरो मैंडेलिका, बॉसवेलिया सेराटा आदि। प्रमुख झाड़ी प्रजातियों में लैंटाना कैमरा, ग्रेविया एसपी।, निक्टिस शामिल हैं।

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान की खासियत और सीक्रेट व्यू

पन्ना टाइगर रिजर्व की जो जलवायु है वह उष्णकटिबंधीय साथ ही सूखे सागौन के पेड़ों और सूखे पत्तों की खड़खड़ आहट एक जंगल को एक विशेष दर्जा देती है जो जंगल शुष्क पर्णपाती जंगल है। पूरे टाइगर रिजर्व में घास के मैदान फैले हुए। पार्क में आपको शगुन बांस तेंदू महुआ सजल बेल आदि प्रजातियों के वृक्ष देखने को मिल जाएंगे जो बहुत प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

पन्ना टाइगर रिजर्व का इतिहास

पन्ना टाइगर रिजर्व की स्थापना सन 1994 में भारत के 22 में टाइगर रिजर्व के रूप में मध्यप्रदेश के पाचवें जो । पन्ना और छतरपुर जिला के जंगलों को मिलाकर बनाया गया। पन्ना टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल 209.53 वर्ग मील या 542 वर्ग किलोमीटर है। पन्ना टाइगर रिजर्व केन नदी के ठीक बगल में स्थित है विश्व धरोहर केंद्र खजुराहो से महज 57 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जो अपनी मूर्तियों के लिए काफी प्रसिद्ध है।

Vulture Panna

इससे पन्ना टाइगर रिजर्व की प्रसिद्धि है क्योंकि जब पूरे भारत में गिद्धों की संख्या लगातार गिर रही थी थी वही पन्ना के घने जंगलों में उन्हें प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराएं और आज पन्ना में के जंगलों में गिद्ध बहुत ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं ।

श्री पद्मावती देवी मंदिर पन्ना मध्य प्रदेश जो 52 शक्तिपीठ में से एक जहाँ आदिशक्ति देवी मां जब सती हुई थी उनके दाहिने पैर यहां गिरा था।

पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटन क्षेत्र और वहन क्षमता

Panna National Park

क्रक्षेत्रसुबह के समयशाम के समय वहन क्षमता (प्रति दिन) कुल
1.हिनौता151025
2.मदला352560
3.हर्षा101020
4.कुल6045105
Jipsy Timing Per Day Park Entry Panna National Park

पन्ना टाइगर रिजर्व का मौसम

मध्य भारत के क्षेत्र में स्थित पन्ना (Panna National Park) मौसम अत्यधिक और उष्ण कटिबंधीय है। जनवरी का महीने में  शून्य डीग्री तक तापमान चला जाता हैं जिसके कारण पाला भी पड़ता हैं और धुंध भी देखने को मिलती है। जून माह में मानसून आता है। वर्ष के सभी  महीनों में औसत तापमान इस प्रकार है:-

MonthsJanFebMarAprMayJunJulAugSepOctNovDec
Min (°C)041218243030252422201808
Max (°C)183036404542363836382518

Panna National Park Best Tiger Safari India

Panna National Park Best Tiger Safari India
Panna National Park Best Tiger Safari India

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान उत्तरी भारतीय राज्य मध्य प्रदेश में स्थित है और रॉयल बंगाल टाइगर सहित अपने प्रचुर वन्य जीवन के लिए जाना जाता है। यहां पन्ना राष्ट्रीय उद्यान और भारत में इसकी सर्वश्रेष्ठ बाघ सफारी पर एक पूरा लेख है।

भूगोल और जलवायु:
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान विंध्य रेंज में स्थित है और लगभग 542 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। पार्क में कई पठारों और गहरे घाटियों के साथ एक पहाड़ी इलाके की विशेषता है, और यह समुद्र तल से लगभग 400 से 800 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

पार्क में गर्म और आर्द्र ग्रीष्मकाल और ठंडी सर्दियों के साथ एक उष्णकटिबंधीय जलवायु है। मानसून का मौसम जून में शुरू होता है और सितंबर तक रहता है, और पार्क में लगभग 1200 मिमी की औसत वार्षिक वर्षा होती है।

वनस्पति और जीव:
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान वनस्पतियों की कई प्रजातियों का घर है, जिनमें साल और सागौन के पेड़ शामिल हैं। पार्क अपने समृद्ध जीवों के लिए भी जाना जाता है, जिनमें बाघ, तेंदुए, भारतीय सुस्त भालू, भारतीय भेड़िये और पक्षियों और सरीसृपों की कई प्रजातियाँ शामिल हैं।

पार्क विशेष रूप से अपनी बाघ आबादी के लिए जाना जाता है, जो हाल के वर्षों में संरक्षण प्रयासों का विषय रहा है। पन्ना शुरू में बड़ी संख्या में बाघों का घर था, लेकिन अवैध शिकार और आवास के नुकसान के कारण उनकी आबादी में भारी कमी आई थी। हालांकि, पार्क अधिकारियों ने बाघों की आबादी बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं, और हाल के वर्षों में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

बेस्ट टाइगर सफारी:
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीव उत्साही और प्रकृति प्रेमियों, विशेष रूप से बाघ सफारी में रुचि रखने वालों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है। आगंतुक जीप सफारी, हाथी सफारी और पैदल सफारी सहित कई प्रकार की सफारी का आनंद ले सकते हैं।

जीप सफारी पार्क और इसके वन्य जीवन का पता लगाने का सबसे लोकप्रिय तरीका है। पार्क अधिकारियों ने कई जीप सफारी मार्ग स्थापित किए हैं, जो पार्क के विभिन्न हिस्सों को कवर करते हैं और आगंतुकों को बाघों और अन्य वन्यजीवों को देखने का अवसर प्रदान करते हैं। सफारी सुबह और शाम को आयोजित की जाती है, जब वन्यजीव सबसे अधिक सक्रिय होते हैं।

हाथी सफारी भी पार्क का पता लगाने का एक लोकप्रिय तरीका है, खासकर उन लोगों के लिए जो बाघों को देखने में रुचि रखते हैं। हाथियों को जंगल में चुपचाप चलने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, जिससे बाघों और अन्य वन्यजीवों को देखना आसान हो जाता है।

वॉकिंग सफारी प्रशिक्षित गाइड द्वारा संचालित की जाती है और पार्क के वनस्पतियों और जीवों को करीब से देखने का एक शानदार तरीका है। आगंतुक पार्क के संरक्षण प्रयासों और बाघों और अन्य लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा में आने वाली चुनौतियों के बारे में भी जान सकते हैं।

संरक्षण:
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान एक महत्वपूर्ण संरक्षण क्षेत्र है, जिसका उद्देश्य पार्क की समृद्ध जैव विविधता और लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा करना है। पार्क अधिकारियों ने पार्क के वन्य जीवन की रक्षा के लिए कई उपाय किए हैं, जिसमें अवैध शिकार विरोधी इकाइयों की स्थापना, पार्क के मुख्य क्षेत्रों से गांवों का स्थानांतरण, और पार्क के भीतर पर्यटन और विकास गतिविधियों पर सख्त नियमों का कार्यान्वयन शामिल है।

पार्क के संरक्षण के प्रयास बाघों की आबादी बढ़ाने में सफल रहे हैं, और पन्ना भारत में सबसे अच्छे बाघ सफारी स्थलों में से एक बन गया है। हालांकि, पार्क के अधिकारियों को पार्क के वन्यजीवों की सुरक्षा में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें अवैध शिकार और निवास स्थान के नुकसान का खतरा भी शामिल है।

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीव उत्साही और प्रकृति प्रेमियों, विशेष रूप से बाघ सफारी में रुचि रखने वालों के लिए एक ज़रूरी गंतव्य है। पार्क की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव विविधता इसे एक आकर्षक गंतव्य बनाती है, जबकि पार्क अधिकारियों के संरक्षण प्रयास पार्क की लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

Panna Tiger Reserve Hotels

पन्ना टाइगर रिजर्व के आस-पास वाले पर्यटन स्थल

पन्ना में मौजूद अन्य स्थल

Panna National Park

FAQ

पन्ना टाइगर रिजर्व में कितने टाइगर हैं?

पन्ना टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 70 टाइगर (बाघ) हैं।

वर्तमान समय में मध्य प्रदेश में कुल कितने टाइगर है जा रहा है?

वर्तमान समय में मध्यप्रदेश में 7 टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट है।

मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व कौन सा है?

मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व कान्हा टाइगर रिजर्व है जिसे कान्हा राष्ट्रीय उद्यान या कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान भी कहा जाता है यह भारत के बाघ संरक्षित अध्ययनों में से एक है जो मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है वर्तमान समय में कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान 550 वर्ग किलोमीटर है। जिसे क्रमश: हॉलोंन 250 वर्ग किलोमीटरऔर बंजर 300 वर्ग किलोमीटर मैं विभाजित किया गया है।

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