Katav Dham : कटव धाम मझौली जबलपुर और दमोह के बीचों-बीच एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल, जो वहुत प्रसिद्ध है। यह “कनाडी नदी” के तट पर स्थित है और भगवान शिव को समर्पित अपने प्राचीन मंदिर के लिए जाना जाता है। कटाव धाम अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है, क्योंकि यह हरे-भरे जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है।


जहाँ चिड़ियों की चिह-चिह बंदरों की उछल-कूंद से दिन की शुरुबात
कटाव धाम प्रकृति को गोद में बहुत ही सुंदर और प्राकृतिक दृश्य से सुसज्जित बहुत पवित्र और अद्वतीय धार्मिक और पर्यटक स्थल है । यहां आपको बहुत ही मनोरम और अद्भुत नजारे देखने को मिल जाएगा। यहां पर लोग अपने मित्रों, परिवार के साथ पिकनिक मनाने आते है। आप भी इन मनमोहक दृश्यों के बीच अपना समय बिताने और शांति का अनुभव करने के लिए आप भी कटाव धाम आ सकते है ।
कटाव धाम प्रकृति को गोद का एक अनोखा हिस्सा हे जहाँ चिड़ियों की चिह-चिह बंदरों की उछल-कुंद के साथ होती हैं दिन की शुरुबात जो पर्यटकों का ध्यान अपनी और अत्यधिक आकर्षित करता हैं कटव धाम सभी बंदरों के आश्रय और भोजन प्राप्ति का प्रमुख्य स्थान बन चुका हैं ।


श्रावण (जुलाई-अगस्त) और कार्तिक (नवंबर-दिसंबर) के महीनों के दौरान हर साल हजारों भक्तों द्वारा मंदिर का दौरा किया जाता है। जबलपुर के रहस्यमय आकर्षण में दो पहाड़ियों के बीच से गुजरती नदी और सड़क मार्ग का खुबसूरत द्रश्य यह जगह आपको बहुत पसंद आयेगी।
कटाव धाम प्रकृति को गोद का एक अनोखा हिस्सा हे, जहाँ चिड़ियों की चिह-चिह बंदरों की उछल-कुंद के साथ होती हैं दिन की शुरुबात जो पर्यटकों का ध्यान अपनी और अत्यधिक आकर्षित करता हैं कटव धाम सभी बंदरों के आश्रय और भोजन प्राप्ति का प्रमुख्य स्थान बन चुका हैं
एक ऐसा प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जिसे हम कटाव धाम कहते हैं जो दो पहाड़ियों के सुन्दर द्रश्य के लिए जाना जाता हैं। कटाव धाम में हिरन नदी एक बहुत बड़े पहाड़ को दो टुकड़ों में काटकर उसके बीचों बीच बहती है। यहाँ पर आपको नदी के दोनो साइड बहुत से धार्मिक मंदिर देखने के लिए मिल जायेंगे। यहाँ पर पहाड़ियों में एक मंदिर पहाड़ी की ऊंचाई पर बिल्कुल नदी के किनारे बना हनुमान जी का मंदिर है, जो बहुत ही सुन्दर और द्रश्यमय हैं जिसे हम लाल मंदिर भी कहते हैं।
जबलपुर जिले में स्थित कटाव धाम मझौली
यह मंदिर जबलपुर जिले में अधिक प्रसिद्ध है मंदिर तक पहुँचने के लिए पुल बनाया गया हैं जिसके द्वारा आप मंदिर तक पहुँच सकते हैं। जो बहुत रोमांचक रहता है। जहाँ पर प्रकृति आपको अपना बहुत ही सुंदर दृश्य दिखाती हैं। बरसात के मौसम यह स्थान चारों तरफ हरियाली से भरा रहता हैं।
कटाव धाम मझौली
इस जगह का नाम कटाव धाम इसलिए पड़ा है, क्योंकि यहाँ पर केन नदी ने दो चट्टानों को काटकर अपना रास्ता बनाया हुआ है। ऊँची पहाड़ी के किनारे से ही रोड बनी हुई है। आप सफ़र बस में करते हुए भी नदी और यहाँ का खुबसूरत द्रश्य देख सकते हैं। यह नदी अधिक गहरी है। नदी का सारा पानी डैम में इकट्ठा हो जाता हैं।


कटाव धाम मझौली में घुमने के लिए जगह
कटाव धाम घूमने के लिए बरसात का समय सबसे बेहतरीन रहता हैं बरसात होने के बाद ठंड के किसी भी महीने में आप अपने परिवार के साथ में यहाँ पर घुमने के लिए अ सकते हैं। कटाव धाम में घुमने के लिए आप अपने खुद के वाहन से भी जा सकते हैं। यहाँ घुमने के लिए आप कार या बाइक से भी आसानी से पहुंच जायेंगे।
आपको यहां पर अधिक संख्या में बंदर देखने के लिए मिलेंगे। जो बहुत सरारती हैं। यहाँ पर लोग इन बंदरों को खाना भी देते जिस कारण ये बंदर भी यहीं पर रहते हैं और अपने साथ लाई हुई चीजों का ध्यान रखें नहीं तो बंदर आपसे चीजें छीन सकते हैं।
हनुमान जी का लाल मंदिर कटाव धाम मझोली
कटाव धाम पर में बना हनुमान जी का प्रसिद्ध मंदिर यह मंदिर बीच पहाड़ी में के सामने बना हुआ है। यह मंदिर अति सुंदर लगता हैं। जो लाल रंग से पुता हुआ हैं और यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। यहाँ तक आप पुल पे चढ़कर ही जा सकते हैं। पुल टूटा होने के ही वजह से यहाँ जाने पर प्रतिबन्ध लगा दिया जाता हैं। पानी कम होने पर आप यहां घूमने के लिए जा सकते हैं।


कटाव धाम आने में आपको राम जी का बड़ा ही सुन्दर मंदिर देखने को मिलेगा। जहाँ प्रभु श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता जी की भव्यता भरी प्रतिमा देखने को मिलेगी। साथ ही यहां पर हनुमान जी का मंदिर भी बना हुआ है।
ये मंदिर नदी के किनारे में बने हुए हैं। यहाँ पर एक आश्रम भी बना हुआ है। यहाँ पर आना बरसात के मौसम में अधिक सुहाना लगता हैं क्योंकि उस समय नदी में पानी की धाराएँ तेज होतीं हैं और चारों ओर हरयाली ही हरयाली रहती हैं। यहां पर नदी में हमेशा ही पानी देखने के लिए मिलता है।


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कटाव धाम का मेला
जबलपुर जिले की बहुत ही प्रसिद्ध जगह कटाव धाम है। जो एक जगह धार्मिक है। यहाँ पर हर साल 26 जनवरी के समय विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। वहां पर स्थित मैदान में यह मेला लगाया जाता है। इस मेले में तरह-तरह के झूले देखने के लिए मिलते हैं दुकानें भी सामानों से भरी रहती हैं। आप भी यहां पर आकर घूमने का मजा ले सकते हैं। दूर-दूर से लोग यहाँ पर मेले का आनंद लेने के लिए आते हैं।
महान गौंड राज्य की महारानी वीरांगना रानी दुर्गावती, जबलपुर (गढ़ा) और मंडला
कटाव धाम आश्रम
यह आश्रम कटाव धाम में स्थित है। जो भगवान श्री राम जी के मंदिर के पास यह आश्रम बना हुआ है। आप भी अपने परिवार के साथ में इस आश्रम में भी घूमने के लिए जा सकते हैं। आश्रम में साधु संत लोग रहते हैं। माना जाता हैं कि प्राचीन समय साधु संत लोग इस कटाव घाट में तपस्या किया करते थे यहां पर आपको और आश्चर्य जनक चीजें भी देखने मिलेंगी। यह स्थान हमेशा से पर्यटकों के आकर्षक का स्थान रहा हैं।


मृगनाथ मंदिर कटाव धाम जबलपुर
मृगनाथ मंदिर कटाव धाम में बना हुआ बहुत ही सुदर स्थान हैं यह स्थान ऊँची पहाड़ी में बना हुआ हैं जहाँ पर जाने के लिए आपको सीढ़ियों से होकर जाना पड़ेगा एक सुंदर मंदिर है। जिसकी ऊँचाई भी अधिक हैं।
जहाँ पर जाकर आप कटाव धाम का सारा द्रश्य देख सकते हैं। इस मंदिर के बारे में यह भी कहा जाता हैं, मंदिर में हम जो भी मनोकामना मानते हैं। वह सारी मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं। यहाँ पर मिर्गी के मरीज ठीक हो जाते हैं।
यदि आप यहाँ पर जाते है तो पानी की बोटल अपने साथ में अवश्य लेकर जाये क्योंकि सीढ़ियों को चढ़ते-चढ़ते आप थक सकते हैं और आपको प्यास भी लग सकती हैं और ऊपर आपको पानी मिलना बहुत ही मुस्किल हैं।
सके अलावा पहाड़ की चोटी पर सिद्ध महाराज मृग्ननाथ का मंदिर है । कटाव धाम को सिद्ध धाम से भी जाना जाता है। कहते है की यहां पर जो भी सच्चे दिल से अपनी मन्नत लेकर आता है सिद्ध बाबा उनकी हर मनोकामना की पूर्ती करते है।
पहाड़ी के ऊपर से देखने पर और भी मन को छू लेने वाले दूर दूर के दृश्य सबको भाव भी भोर कर देते हैं। यहां पर आपको जंगली जानवर तो देखने नही मिलेगा पर यहां पर आपको बहुत सारे बंदर देखने को जरूर मिलेंगे। इसलिए आपको अपने समान का ध्यान भी रखना होगा।
मध्यप्रदेश के जिले, जबलपुर से 40 किमी दूर नगर मझौली से 6 किमी दूर गुबरा रोड पर आकर्षित और मनमोहक दृश्यों से भरपूर कटाव धाम स्थित है। यहां पर आप अपने खुद के वाहन से आ सकते है। इसके अलावा आप बस का सफर करके भी कटाव धाम घूमने आ सकते है। मझौली रोड के अलावा आप जबलपुर के कटंगी बायपास रोड से 35 किमी की दूरी तय करके भी कटाव धाम पहुंच सकते है।
मैं भी कटाव धाम के पास मझौली में रहता हूँ और जब भी मुझे टाइम मिलता है तो मैं कटाव धाम घूमने चला जाता हूँ, और अपना समय इन प्राकृतिक नाजारो के बीच में व्यतीत करता हूँ। जहां मुझे अत्याधिक शांति का अनुभव होता है। आप भी ऐसे प्रकृति की गोद में स्थित कटाव धाम में घूमने जरूर आए। आप एक नया अनुभव प्राप्त करेंगे।
यहाँ आसपास आपको और भी बहुत सारे प्रक्रति गोद में सिथित बहुत से मनमोहक पर्यतिक स्थल देखने को मिल जायगे जहा पहुंचकर आप देखेंगे की कितने शानदार और दिल को छु लेने बाले द्रश्य आपकी आँखों को आशीम शांति मिलेगी। ऐसे प्राकतिक द्रश्य आपको कटाव से 20 किमी आंगे बहोरीबंद के पास आपको रूपनाथ भगबान शिव का धाम देखने को मिलेगा।
कटाव धाम से 15 किमी से गुबरा गाँव होते हुये सिग्रामपुर के पास भैसा घाट जलप्रपात जाते है तो वह भी प्रक्रति की गोद में वसा एक पर्यटन स्थल है।
कटाव धाम कहां पर स्थित है
मध्यप्रदेश में स्थित जबलपुर जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। कटाव घाट जबलपुर जिले में मझौली तहसील से 7 किलोमीटर की दुरी में स्थित है।




