Pisanhari Ki Madhiya Jabalpur

जबलपुर यात्रा गाइड 2024 में आप जबलपुर की इन खूबसूरत जगह की सैर करे | Jabalpur Tourist Places

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Jabalpur Tourist Places : जबलपुर भारत के मध्य प्रदेश का एक शहर है। यह मध्य प्रदेश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और जबलपुर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय भी है। नर्मदा और कान्हा दो नदियों के संगम के कारण इस शहर को ‘संगम नगरी’ के नाम से भी जाना जाता है। संगमरमर की चट्टानों और खानों के कारण इसे ‘मार्बल सिटी’ भी कहा जाता है। मध्य प्रदेश की जीवन दायनी मां नर्मदा के किनारे बसा एक रोचक शहर जबलपुर() के बारे में आप जानना चाहते है तो आप इस लेख में यह जान पाएंगे। मध्यप्रदेश के जिले जबलपुर को संस्कारधानी के नाम से जाना जाता है।

जबलपुर में घूमने के लिए जगह(Jabalpur Tourist place List Madhya Pradesh) शहर में एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है, और यह कई मंदिरों और स्मारकों का घर है। यह शहर अपनी अनूठी हस्तशिल्प, व्यंजन और जनजातीय संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। जबलपुर में यदि आप पर्यटन स्थल आना चाहते है तो आपको इसके पर्यटन स्थलों के बारे में पता होना चाहिए। जबलपुर प्रकृति की गोद में बसा बहुत ही विकाशसील जिला है। और यदि पर्यटन की बात करे तो यहां पर घूमने के लिए बहुत सारी जगह है जो आपको बहुत आकर्षित कर सकती है। 

जबलपुर में शीर्ष पर्यटक आकर्षण (Jabalpur Tourist Places)

जबलपुर में आप इन मनोरम जगहों में घूम सकते है

  • रानी दुर्गावती संग्रालय
  • भेड़ाघाट मार्बल रॉक
  • मदन महल का किला 
  • ब्लांसिंग रॉक
  • धुंआधार जलप्रपात
  • डुमना नेचर पार्क
  • 64 योगनी
  • ग्वारीघाट 
  • तिलवारा घाट
  • बरगी बांध
  • भवंर ताल पार्क
  • पाट बाबा मंदिर
  • पिसनहारी की मढिया
  • कान्हा राष्ट्रीय उद्यान

रानी दुर्गावती संग्रालय (Rani Durgavati Musium)

रानी दुर्गावती संग्रहालय: रानी दुर्गावती संग्रहालय जबलपुर में स्थित एक संग्रहालय है। यह संग्रहालय गोंडवाना की रानी रानी दुर्गावती को समर्पित है। संग्रहालय में रानी के जीवन से संबंधित विभिन्न कलाकृतियां, मूर्तियां और पेंटिंग हैं।

रानी दुर्गावती संग्रालय जबलपुर शहर के बीचों बीच स्थित है यहां पर पहुंचने के लिए आपको अच्छी सड़क मिल जाएंगी।और साथ ही पार्किंग के लिए जगह मिल जाएगी। रानी दुर्गावती संग्रालय बहुत ही प्रसिद्ध जगह है। यहां पर आपको प्राचीन काल की मूर्तियां का संग्रह और बहुत सी अलग अलग कलाकृति देखने को मिल जाएगी।

कलाकृति के अलावा आपको यहां पर आदिवासियों की सामान, वेशभूषा और रीति रिवाज देखने को मिल जाएंगे। संग्रालय भवन में जाने के लिए आपको शुल्क पे करना पड़ता है।

भेड़ाघाट मार्बल रॉक (Marvel Rock)

भेड़ाघाट नर्मदा नदी के तट पर स्थित भेड़ाघाट एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है। इस जगह का मुख्य आकर्षण शानदार संगमरमर की चट्टानें और इसके शानदार नज़ारे हैं। यह स्थान नर्मदा नदी पर नाव की सवारी के लिए भी प्रसिद्ध है।

शहर से करीबन 20-25 किलोमीटर की दुरी पर भेड़ाघाट एक स्थान का नाम हैं। वहां पर नर्मदा नदी संगमरमर बादियों के बीच से होकर गुजरती है। जो लोगो के आकर्षण का केंद्र है। लोग यंहा नौका विहार का मजा लेने के लिए आते हैं। जब लोग नाव की सवारी करते हुए संगमरमर वादियों के बीच से होकर गुजरते ही तो वह बहुत ही मनमोहक द्रश्य होता है।

यह इतना अद्भुत होता है की लोग बार बार यंहा पर इन मनमोहक द्र्श्यो को देखने के लिए चले आते है। यहाँ पहुँचने के लिए मुख्य मार्ग (हाईवे) से 10 KM अंदर की ओर जाना पड़ता हैं। यहाँ पर आप अपने वाहनों को लेकर आ सकते हैं। यहाँ पर पार्किंग की अच्छी सुविधा उपलब्ध है। साथ ही यदि आप यंहा पर काफी दूर से आते है तो आपको यहाँ रुकने के लिए रिसोर्ट और खाने पीने के लिए होटल सब उपलब्ध हैं।

मदन महल का किला (Madan mahal Fort)

मदन महल किला: मदन महल किला नर्मदा नदी के तट पर स्थित एक पुराना किला है। किले का निर्माण गोंड राजा मदन शाह ने 16वीं शताब्दी में करवाया था। यह जबलपुर के सबसे लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में से एक है।

मदन महल किला 1100 ई . में राजा मदन सिंह द्वारा करवाया गया था। यह किला जबलपुर की सीमा में स्थित है। इस किलो को ग्रे नाईट की चट्टानों को तराशकर बनाया गया है। चूँकि इसका आधा भाग खंडहर के रूप में तब्दील हो चुका है। लेकिन अभी भी इसका मुख्य किला अपनी गाथा सुनाने के लिए खड़ा हुआ है।

यह मदन महल किला एक ऊँची पहाड़ी पर बना हुआ है। जहा से आपको पूरा जबलपुर देखने को मिल जायगा। यहाँ पर एक गुप्त गुफा भी बनी हुई है। यहाँ पर किले के पास एक झील भी मौजूद हैं। साथ ही एक शारदा माता का मंदिर भी बना हुआ हैं। इस मंदिर तक पहुँचने के लिए एक रास्ता सुरंग से होकर भी गुजरता हैं। यहाँ पर आप बहुत आसानी से जा सकते है।

मदन मंदिर मदन मंदिर जबलपुर में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और यह हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।

ब्लांसिंग रॉक (Balancing Rock)

Balancing Rock एक ऐसा पत्थर है जिसे देख आप बहुत आश्चर्य चकित हो जायगे। जब आप यहाँ एक नया अनुभव करेगे यह प्रक्रति के गुणों के विपरीत अद्भुत नज़ारा देखने को मिल जायगा। यहाँ पर एक बहुत बड़ी चट्टान जो गुरुत्वाकर्षण के विपरीत दुसरे चट्टान के ऊपर बिलकुल सुई के बराबर जगह में झुकाव की हुई रखी हुई हैं।

जिसे देख हर किसी को आश्चर्य होता हैं। इसे हम दुनियो के अजूबो में भी शामिल कर सकते हैं। यह ब्लान्सिंग रॉक मदन महल किले से बापिस आते समय रास्ते में पड़ता हैं। यहाँ पर जाने के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ता हैं।

धुंआधार जलप्रपात (Dhuadhaar Waterfall)

धुआंधार जलप्रपात: धुआंधार जलप्रपात नर्मदा नदी पर स्थित एक सुंदर जलप्रपात है। झरना एक शानदार दृश्य है और यह जबलपुर में सबसे लोकप्रिय पर्यटक आकर्षणों में से एक है।

धुंआधार जलप्रपात शहर से करीबन 20-25 किलोमीटर की दुरी पर भेड़ाघाट एक स्थान का नाम हैं। वहां पर नर्मदा नदी संगमरमर बादियो के बीच से होकर गुजरती हैं। जो लोगो के आकर्षण का केंद्र भी हैं। यहाँ पर माँ नर्मदा संगमरमर चट्टानों के बीच से होकर नीचे गिरती हैं।

जहाँ पर बहुत ही अच्छा झरना गिरता है, जो दूध के सामान दिखाई देता हैं। लोग इसे इसी लिए धुंआधार जलप्रपात भी कहते हैं। अक्सर यंहा लाखो टूररिस्ट घुमने के लिए आते हैं। यहाँ पर पार्किंग की सुविधा भी हैं। यहाँ हमेशा मेला जेसा माहोल होता हैं।

डुमना नेचर पार्क( Dumna Nature Park)

जबलपुर में पर्यटक स्थल में से एक डुमना नेचर पार्क हैं। डुमना नेचर पार्क को डुमना रिज़र्व नेचर पार्क भी कहते हैं। यंहा पर आपको बहुत से जानवर देखने को मिल जायंगे। जैसे हिरन ,खरगोश और भी जंगली जानवर. यंहा पर लोग साइकिलिंग करने भी आते हैं। यहाँ पर बहुत से लोग यंहा प्राक्रतिक सोंदर्य देखने आते हैं।

खंदारी झील

इस जगह पर एक झील भी मौजूद हैं। जिसे खंदारी झील कहते हैं। बरसात के समय इस झील के पास एक झरना बनता हैं। इस झरना का लोग खंदारी झरना कहते हैं। जहा पर लोग एन्जॉय करने के लिए जाते हैं। यहाँ पर ज़ाने के लिए आपको टिकट लेना पड़ता हैं।

64 योगनी मंदिर (64 Yogini mandir)

चौसठ योगिनी मंदिर: चौसठ योगिनी मंदिर नर्मदा नदी के पास स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। यह मंदिर 64 योगिनियों को समर्पित है और यह भारत के सबसे पुराने और सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है।

64 योगनी मंदिर , 64 योगनियो और भगवान् शिव और माता पार्वती को समर्पित हैं। यह मंदिर जबलपुर शहर के निकट भेड़ाघाट में स्थित हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन हैं। यह एक पहाड़ी पर बना हुआ हैं। जैसे ही हम पहाड़ी पर पहुँचते है तो एक अद्भुत प्राचीन मंदिर आपकी आँखों के सामने होता हैं।

फिर आप मंदिर के अंदर जाने के लिए एक छोटे से गेट (द्वार ) से होकर मंदिर में प्रबेश करेंगे। आपको बहुत बड़ा मंदिर का परिसर दिखेगा। मुख्य मंदिर के चारों और गोलाकार आक्रति में 64 योग्निया विराजित हैं।

मुख्य मंदिर के गर्भगृह में माता महाशक्ति जगत जननी माँ पार्वती, देवादिदेव भगवान शिव शंकर के साथ नंदी में बिराजमान हैं। मंदिर के सामने एक शिवलिंग भी स्थापित हैं। आप इस मंदिर में आकर यंहा की उर्जा का अनुभव करे।

ग्वारीघाट (Gouri Ghaat)

ग्वारी घाट जबलपुर का प्रशिद्द स्थल हैं। यह नर्मदा नदी के किनारे बना हुआ हैं। यहाँ पर प्रतिदिन हजारो सैलानी आते हैं। नर्मदा नदी के दुसरे किनारे पर एक बहुत बड़ा गुरुद्वारा बना हुआ हैं। जहा पहुँचने के लिए लोग नाव का सहारा लेते हैं। साथ ही नर्मदा नदी के बीचो बीच, माता नर्मदा का मन्दिर बना हुआ हैं।

यहाँ पर हमेसा भक्तिमय वातावरण रहता है लोग यहाँ आकर शांति का अनुभव करते हैं। गर्मियों के समय लोग यहाँ ठंडे नर्मदा जल में स्नान करने के लिए आते हैं। साथ ही यहाँ पर बहुत से विदेशी पक्षी भी आते हैं।

लोग इन पक्षियों को दुकान से खरीदकर दाना खिलाते हैं। यह अति रमणीय होता हैं। यह एक पवित्र धार्मिक स्थल हैं। हर संध्या काल में माता नर्मदा की संध्या कालीन आरती यहाँ पर होती हैं। जिसमे हज़ारो की संख्या में भक्तजन पवित्र संध्या आरती का आनंद लेते हैं।

तिलवारा घाट (Tilwara Ghat)

तिलवारा घाट भी ग्वारिघट के सामान नर्मदा नदी का तट पर बसा हैं। यहाँ पर भी बहुत से सुन्दर घाट बने हुहे हैं। माता नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवन दायनी नदी कहा जाता हैं। इस कारन से माता समान हैं। हम इनकी पूजा करते हैं।

जबलपुर में बहुत सारे घाट हैं। जहा पर हम माँ नर्मदा की पूजा करते है, और इसी के जरिये उनका धन्यबाद करते हैं। तिलवारा घाट भी ग्वारी घाट की तरह बहुत ही शांति प्रतीत स्थान है और अति मनोरम भी हैं।

बरगी बांध (Bargi Dam)

बरगी बांध: बरगी बांध नर्मदा नदी पर स्थित एक खूबसूरत बांध है। बांध एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल है और यह अपने सुंदर दृश्यों और सूर्यास्त के लिए भी जाना जाता है।

बरगी बाँध नर्मदा नदी में बना हुआ हैं। यह जबलपुर से करीब 30 किलोमीटर की दुरी पर बना हुआ हैं। यह डेम देखने में बहुत अच्छा लगता हैं। लोग यंहा एन्जॉय करने के लिए भी आते हैं। यहाँ पर आकर लोग बोटिंग का मजा लेते हैं। यहाँ पर आकर आप भी वाटर advanture का मजा ले सकते हैं।

यहाँ जाने के लिए आपको अपने वाहन से जाना पड़ेगा या आप ऑटो बुक कर सकते हैं। जैसे ही आप यंहा पहुँचते है आपको सुंदर सुंदर द्रश्य देखने को मिल जायगे। यहाँ पर आपको खाने पीने की चीजों के लिए दूकान मिल जायगी। आप यहाँ पर अपने फैमिली के साथ आ सकते हैं।

बरगी हिल्स: बरगी हिल्स जबलपुर के पास स्थित एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। हिल स्टेशन पौधों और जानवरों की कई दुर्लभ प्रजातियों का घर है और यह जबलपुर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है।

भवंर ताल पार्क (Bhawanr Taal park)

भंवर ताल पार्क जबलपुर के बीचो बीच नगर पालिका के पास बना हुआ हैं। यहाँ पर लोग घूमने के लिए आते है और अपना समय बिताने के लिए आते हैं। यह जबलपुर का मशहूर पार्क हैं। यह रानी दुर्गावती संग्रालय के बाजु में बना हुआ हैं। यहाँ पर रानी दुर्गावती की हांथी पर बैठी हुई प्रतिमा स्थापित हैं।

हरी भरी घांस भी लगी हुई हैं। साथ ही यंहा पर कई किस्म के फूल भी देखने को मिल जायंगे। यहाँ पर स्विंग पूल भी बना हुआ हैं। साथ स्केटिंग के लिए भी ग्राउंड का निर्माण किया गया हैं। यहाँ पर पार्किंग की सुबिधा भी है, पार्क के अंदर जाने के लिए टिकट भी लेना पड़ता है जिसकी कास्ट 10 रूपए होती हैं।

पाट बाबा मंदिर (Paat Baba Mandir)

पाट बाबा मंदिर एक बहुत ही शांत और प्राकतिक द्र्श्यो से सुसज्जित ,छोटी सी पहाड़ी पर बना एक पवित्र स्थान हैं। यह एक बहुत ही सुंदर जगह हैं। यहाँ आसपास आपको मोर और बंदर देखने को मिल जायगे। यह क्षेत्र जंगल से घिरा हुआ है, जो बहुत ही अच्छा लगता हैं। जो बहुत मनभावक हैं। यहाँ बहुत शांत वातावरण रहता है.साथ ही यह बहुत ही स्वच्छ जगह भी हैं।

पिसनहारी की मढिया (Pisanhari Ki Madhiya Jabalpur)

पिसनहारी की मड़िया: पिसनहारी की मड़िया जबलपुर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यह शहर के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान (Kanha National Park)

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान जबलपुर में स्थित एक प्रसिद्ध वन्यजीव अभ्यारण्य है। पार्क जानवरों की कई दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों का घर है। पार्क अपने शानदार दृश्यों और समृद्ध वन्य जीवन के लिए भी जाना जाता है।

ऐ तो हो गई जबलपुर लोकल की पर्यटन स्थलों की बात लेकिन इसके अलावा पूरे जबलपुर जिले के अंदर भी बहुत सारे पर्यटन और दर्शनीय स्थान मौजूद है, जिन जगहों पर आप घूमने जा सकते हैं।

  • निदान वाटरफाल
  • कटाव धाम
  • विष्णु वराह मंदिर
  • शंकरगढ़ मंदिर
  • सुहाजनी माता मंदिर
  • नाहन देवी माता
  • श्री हनुमान बाग़
  • सिद्धेश्वर धाम

निदान वाटरफाल (Nidan waterfall)

निदान वॉटरफॉल प्रक्रति की गोद में बहुत ही सुंदर जलप्रपात हैं। यह जलप्रपात कटंगी में स्थित हैं। यह जबलपुर से 35 किलोमीटर दूर दमोह रोड पर स्थित हैं। यहाँ पर 2 झरने एक दुसरे के पास लगभग 1 किलोमीटर की दुरी पर हैं। जब आप यहाँ पर पहुँचते हैं, तो आपको प्रक्रति का बहुत ही सुंदर नजारा देखने को मिलेगा। लोग यंहा एन्जॉय करने के लिए अपने दोस्तों और परिवार के साथ आते हैं।

कटाव धाम (Katav Dhaam)

कटाव धाम (Katav Dhaam) एक धार्मिक और दर्शनीय स्थान हैं। यह एक सिद्ध धाम हैं। जहाँ पर लोग पिकनिक मनाने भी आते हैं। यहाँ पर हिरन नदी पहाड़ को काटकर उनके बीच से प्रवाहित होती हुई निकलती हैं। साथ ही यहाँ पर पहाड़ी की ऊँचाई पर भी मंदिर बना हुआ हैं। इसके अलावा यहाँ पर अन्य मंदिर भी बने हुए हैं। यह पूरा धाम पवित्र जगह हैं। यहाँ पर लोग आकर बहुत ही शांति का अनुभव करते हैं।

विष्णु वराह मंदिर (Vishnu Braah mandir)

विष्णु वराह मंदिर ,भगवान् विष्णु के बारह अवतारों में से एक, वराह अवतार को समर्पित हैं। यह मंदिर जबलपुर की एक तहसील मझौली में स्थित हैं। यहाँ हर साल हजारो श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यहाँ पर मुख्य मंदिर के साथ साथ और भी अन्य छोटे मंदिर है जैसे सीता-राम मंदिर ,राधा-कृष्णा मंदिर ,भगवान शिव मंदिर और साथ ही मन्दिर क सामने एक कीर्ति स्तम्भ हैं।

शंकरगढ़ मंदिर (Shankar Gadh)

शंकर गढ़ मंदिर एक छोटे से पर्वत छोटी पर बना हुआ हैं। यहाँ पर भगवान शिव का एक बहुत ही पुराना मंदिर बना हुआ हैं। साथ ही इसी पहाड़ के ऊपर और भी बहुत से मंदिर बने हुए हैं। यहाँ पर हनुमान जी की बहुत ऊँची प्रतिमा भी बनी हुई हैं। यहाँ पर पहुंचकर आप प्रक्रति के सोंदार्यता को बड़ी शांति से बैठकर देख सकते हो।

सुहाजनी माता मंदिर (suhajni wali Mata)

सुहाजनी में एक अलौकिक , माता महाशक्ति जगदम्बा का मंदिर हैं। यहाँ पर आने वाले भक्तो की हर मनोकामना पूर्ण होती हैं। यहाँ पर नवरात्री के समय लाखो की संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। यह मझौली से लगभग 6 किलोमीटर की दुरी पर हैं। सुहाजनी से लगभग 8 किलोमीटर की दुरी पर माता महाशक्ति का एक और दरवार नाहन देवी मंदिर हैं। जो की हिरन नदी के बीचो बीच एक चट्टान पर स्थित हैं।

नाहन देवी (Nahan devi Katangi Jabalpur)

नाहन देवी स्थल जबलपुर जिले से लगभग 45 किलोमीटर दूर दमोह रोड कटंगी के पास ककरहटा गांव में स्थित है। यहाँ पहुचने के लिए बड़ा सा प्रवेश द्वार जबलपुर दमोह हाईवे रोड में ही देखने के लिए मिल जाता है। इस स्थल में आपको एक बड़ी सी चट्टान देखने के लिए मिलती है, जिसे देवी के रूप में पूजा जाता है।

यहां के आसपास गांव के लोगों में इस स्थल के प्रति बहुत श्रद्धा और आस्था रखते है। बहुत दूर–दूर से लोग इस स्थल को दर्शन के लिए आते हैं। इस स्थल में मन्नत मांगते हैं। कहा जाता है कि, जो भी लोग इस स्थल में आकर नाहन देवी के सामने मन्नत मांगते है। उसकी मन्नत जरूर पूरी होती है और वह इस मंदिर में दोबारा जरूर आता है।

श्री हनुमान बाग़ (Hnumaan Baag)

कटंगी से लगभग 6 किलोमीटर अंदर की ओर आने पर आपको बहुत बड़े परिसर में एक बहुत ही सुंदर कलाक्रति पर बना मंदिर और एक बहुत बड़ा पार्क देखने को मिलता हैं। जिसे श्री हनुमान बाग़ कहते हैं। इस मंदिर में श्री हनुमान जी की प्रतिमा अपने तेजवान स्वरुप में बिराजमान हैं। इसके पास में एक राम- जानकी मंदिर भी बना हुआ हैं। जहा पर प्रभु श्रीराम,माता सीता और भैया लक्ष्मण के साथ विराजमान हैं।

जबलपुर में आपको बहुत ही सुंदर और अपनी और आकर्षित करने वाले झरने (जलप्रपात) देखने को मिलेंगे। जो जबलपुर की शोभा को चार चाँद लगा देते हैं। अक्सर लोग यंहा पर इन जलप्रपात को देखने के लिए आते हैं।

जबलपुर में झरनों के नाम और उनकी लोकप्रियता की सूची कुछ इस प्रकार है (list of Waterfall of Jabalpur)

No.धुंआधारवगदरीनिदानभदभदाखंदारी लेकसुंदरपुर जलप्रपातपरियट वाटरफॉल
जबलपुर शहर से दूरीलगभग 20 किलोमीटर
जलप्रपात की ऊंचाईधुँआधार जलप्रपात की ऊचाई लगभग 10 मीटर है
चौड़ाई
पहुंच मार्गजबलपुर के मुख्य मार्ग NH 45 से भेडाघाट मार्ग पर अंदर की ओर 10किलोमीटर जाने पर आपको मार्केट से अंदर जाना पड़ता है जहा से आप धुँआधार जलप्रपात पहुंच सकते है.
लोकप्रियताधुआधार जलप्रपात देश -विदेश के लोगो के आकर्षण का बहुत बड़ा केंद्र है. यहाँ पर हर साल लाखो की संख्या में लोग आते है.
कब से कब तक चालूयदि आप भेडाघाट आने के लिए उत्सुक है तो आपके लिए यंहा सितम्बर से जून पर ही आये.
विजिट टाइमयंहा पर आप सुबह 8 बजे से रात के 9 बजे तक आ- जा सकते है .
खाने पीने की व्यवस्थाभेडाघाट में खाने पीने के लिए होटल भी उपलब्ध है
रुकने की व्यवस्थाभेडाघाट में रुकने के लिए आपको बहुत सारे रिसोर्ट बहुत ही अच्छे रेट पर मिल जाते है
आने जाने का साधनयदि आप जबलपुर ,ट्रेन या हवाई यात्रा करके आते है तो आपको धुँआधार आने के लिए मेट्रो बस या ऑटो आराम से मिल जायगे.
वाहन पार्किगयदि आप अपने वाहन से आते है तो यंहा पर आपको पार्किंग की सुविधा मिल जाती है जिसका आपको चार्ज पे करना पड़ता है
लोकल दुकानयंहा पर आपको खाने पीने से लेकर बहुत से सामान की दुकान मिल जाती है
मेला या उत्सवधुँआधार में हमेशा मेले जैसा माहोल होता है लेकिन कुछ खास अवसरों पर यंहा उत्सव भी मनाये जाते है.
जल स्त्रोतसंगमरमर चट्टानों के बीच से गुजरकर नर्मदा नदी नीचे की ओर जलप्रपात के रूप में गिरती हुई आंगे की ओर बहती चली जाती है. नर्मदा नदी का उद्गम स्थल अमरकंटक है
निकटवर्ती पर्यटन स्थानभेडाघाट के निकटतम पर्यटन स्थानों की सूची में 64 योगिनी मंदिर , लम्हेती घाट , पंचवटी ,मार्वल रॉक आदि सम्मिलित है.
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