Sariska National Park Rajasthan

सरिस्का नेशनल पार्क छुट्टियों में गुलाबी शहर की जंगल सफारी की डेट्स घोषित, जानिए कितने दिन होगा बंद …

यदि आप इस फेस्टिव सीजन या सर्दियों की छुट्टियों में राजस्थान की राजधानी जयपुर (गुलाबी शहर) के आसपास किसी रोमांचक ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जयपुर से बेहद नजदीक अलवर जिले में स्थित प्रसिद्ध अरावली की पहाड़ियों में फैला सरिस्का नेशनल पार्क में जंगल सफारी सरिस्का टाइगर रिजर्व (Sariska Tiger Reserve) की नई तारीखों और एडवांस बुकिंग को लेकर बड़ा अपडेट आ गया है। सरिस्का लगभग 866 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है, साथ ऐतिहासिक नीलकंठ मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध हैं।

मानसून के दौरान वन्यजीवों के ब्रीडिंग सीजन (प्रजनन काल) की वजह से बंद रहने के बाद अब यह पार्क पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। आइए जानते हैं कि पार्क कब से खुल रहा है, बुकिंग कैसे करनी है, और यह बीच में कितने दिन बंद रहता है।

सरिस्का टाइगर रिजर्व मौसम और भ्रमण

  • सर्दी: मध्य अक्टूबर से जनवरी तक
  • वसंत: फरवरी से मार्च
  • ग्रीष्म ऋतु: अप्रैल से जून
  • मानसून: जुलाई से मध्य सितंबर (नोट: अब बफर जोन में जंगल सफारी के लिए जुलाई से सितंबर में खुला है)

कब से शुरू हो रही है सफारी? (Opening Dates & Advance Booking)

सरिस्का नेशनल पार्क के कोर जोन (Zone 1 से 3) मानसून और भारी बारिश के कारण 1 जुलाई से 30 सितंबर तक पूरी तरह बंद रहते हैं। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के नियमों के मुताबिक, १ अक्टूबर से इसे दोबारा आम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाता है।

  • सफारी दोबारा शुरू होने की तारीख: 1 अक्टूबर
  • एडवांस बुकिंग अपडेट: राजस्थान वन विभाग के Sariska Official Booking Portal पर १ सितंबर से ही एडवांस ऑनलाइन सफारी बुकिंग की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। यदि आप छुट्टियों में जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आखिरी समय की भीड़ से बचने के लिए अभी से अपनी सीट बुक कर लें।

जानिए हफ्ते में कितने दिन और कब बंद रहता है सरिस्का?

  • साप्ताहिक अवकाश (Weekly Holiday): सामान्य तौर पर सरिस्का नेशनल पार्क नियमित जंगल सफारी के लिए हर बुधवार (Wednesday) को बंद रहता है।
  • धार्मिक मान्यता की छूट: हालांकि, मंगलवार और शनिवार के दिन केवल उन श्रद्धालुओं की निजी गाड़ियों को पार्क के अंदर जाने की अनुमति होती है, जो प्रसिद्ध पांडुपोल हनुमान मंदिर के दर्शन करने आते हैं।

सफारी टाइमिंग्स और एंट्री फीस (Sariska Safari Timings & Fees)

सर्दियों के मौसम में दिन छोटे होने के कारण वन विभाग सफारी के समय में थोड़ा बदलाव करता है। सर्दियों (अक्टूबर से फरवरी) के दौरान सफारी का समय इस प्रकार रहता है:

  • मई-जून (सुबह की शिफ्ट): 06:30 AM से 10:00 AM तक
  • मई-जून (शाम की शिफ्ट): 02:00 PM से 05:30 PM तक

सफारी के प्रकार और खर्च:

यहाँ आप दो तरह के वाहनों से जंगल घूम सकते हैं:

  1. जिप्सी सफारी (Gypsy): यह ६ सीटर छोटी गाड़ी होती है, जो पर्सनल और नजदीकी अनुभव के लिए बेस्ट है।
  2. कैंटर सफारी (Canter): यह २० सीटर बड़ी ओपन-बस जैसी होती है, जो बड़े परिवारों या बजट ट्रैवलर्स के लिए सही है।
  • अनुमानित खर्च: भारतीय नागरिकों के लिए बेस एंट्री फीस ₹80 से शुरू होती है, लेकिन जिप्सी या कैंटर के साथ कुल सफारी का खर्च प्रति व्यक्ति लगभग ₹1,000 से ₹1,400 तक आता है।

सरिस्का यात्रा के लिए कुछ उपयोगी सामान

जंगल की सूखी और धूल भरी हवाओं के बीच सफारी का पूरा आनंद लेने के लिए आपके पास ये चीज़ें होनी चाहिए:

  • सफारी हैट और गॉगल्स: खुली जिप्सी में तेज धूप और उड़ती हुई धूल से चेहरे और आंखों को बचाने के लिए एक अच्छी वाइड-ब्रिम सफारी हैट (Safari Hat) साथ रखें।
  • हाई-जूम दूरबीन (Binoculars): अरावली की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच छिपे बाघ, तेंदुए या रंग-बिरंगे पक्षियों को करीब से देखने के लिए एक बेहतरीन वॉटरप्रूफ दूरबीन (Binoculars) आपके पास ज़रूर होनी चाहिए।
  • पावर बैंक: ३ घंटे की लंबी सफारी में लगातार तस्वीरें खींचने और वीडियो बनाने से फोन की बैटरी खत्म न हो, इसलिए अपने बैग में एक 20000mAh फास्ट चार्जिंग पावर बैंक रखना न भूलें।

सरिस्का में कहाँ ठहरें? (Where to Stay / Hotel Booking)

सरिस्का के आसपास रुकने के लिए बहुत ही खूबसूरत पैलेस और रिसॉर्ट्स मौजूद हैं। आप सीधे भारत के भरोसेमंद प्लेटफॉर्म MakeMyTrip के जरिए इन्हें बुक कर सकते हैं:

  • लक्ज़री पैलेस का अनुभव: यदि आप राजा-महाराजाओं की तरह रॉयल स्टे का आनंद लेना चाहते हैं, तो ऐतिहासिक Sariska Palace Resort सबसे बेस्ट है। इसकी लाइव डील्स और बुकिंग के लिए आप MakeMyTrip Sariska Palace Page चेक कर सकते हैं।
  • बजट और नेचर कैंप्स: यदि आप अरावली की पहाड़ियों के बीच नेचर कैंप या बजट होटल्स की तलाश में हैं, तो MakeMyTrip पर सरिस्का के टॉप-रेटेड होटल्स की लिस्ट देख सकते हैं, जहाँ वीकेंड्स पर अच्छे डिस्काउंट मिल जाते हैं।

जयपुर (गुलाबी शहर) से मात्र ११० किलोमीटर की दूरी पर स्थित सरिस्का वीकेंड वेकेशन के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। चूंकि छुट्टियों के दौरान यहाँ पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी सफारी डेट्स पहले ही कन्फर्म कर लें।


सरिस्का टाइगर रिजर्व कैसे जाये ?

सरिस्का टाइगर रिजर्व भारत की राजधानी, नई दिल्ली और राजस्थान की राजधानी, जयपुर के निकटतम बाघ रिजर्व होने का अनूठा गौरव रखता है।

  • जयपुर से 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है
  • अलवर से केवल 37 किलोमीटर दूर
  • यह दिल्ली से लगभग 200 किलोमीटर
  • सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है,
  • निकटतम हवाई अड्डा दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो लगभग 220 किलोमीटर दूर है।
  • निकटतम रेलवे स्टेशन अलवर रेलवे स्टेशन है, जो लगभग 37 किलोमीटर दूर है।
  • प्रमुख शहरों से बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।

1 जुलाई से, सरिस्का अपने बफर जोन में जंगल सफारी की पेशकश करेगा, जिससे पर्यटकों को इकोटूरिज्म पर अधिक जोर देने के साथ इसकी प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवन का अधिक पता लगाने का मौका मिलेगा। यह पहल बाघ दर्शन से परे आगंतुकों के अनुभव को बेहतर बनाने के प्रयास का हिस्सा है।


सरिस्का में वर्ष भर प्रवेश

जबकि भारत के अधिकांश वन्यजीव अभयारण्य मानसून के मौसम के दौरान बंद हो जाते हैं, सरिस्का इन महीनों के दौरान भी प्रतिबंधित पहुंच प्रदान करता है, अपनी सीमा के भीतर स्थित सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण पांडुपोल हनुमान मंदिर की यात्रा के लिए विशिष्ट दिनों में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों दोनों को अनुमति देता है।


सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान जीप सफारी(Sariska National Park)

सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान के भीतर 17वीं शताब्दी का कांकवाड़ी किला है, जो एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जो आसपास के विस्तृत दृश्य पेश करता है और मिस्र के गिद्धों और ईगल्स को देखने के लिए एक सुविधाजनक स्थान के रूप में कार्य करता है। सफ़ारी केवल जानवरों के दर्शन के अलावा और भी बहुत कुछ प्रदान करती है; यह कांकवाड़ी किले जैसे ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करने का मौका है, जहां केवल जीप के माध्यम से पहुंचा जा सकता है।

नीलकंठ मंदिर

अभ्यारण्य के भीतर एक एकांत पहाड़ पर स्थित, नीलकंठ मंदिर, जो 6वीं शताब्दी का है, जटिल नक्काशीदार मूर्तियों का संग्रह प्रदर्शित करता है। यह प्राचीन मंदिर न केवल अपनी स्थापत्य सुंदरता से बल्कि अपनी शांत पहाड़ी पृष्ठभूमि से भी मनमोह लेता है।

पांडुपोल हनुमान मंदिर

अभ्यारण्य के भीतर गहरे में पांडुपोल हनुमान मंदिर है, जो एक सुरम्य झरने के बगल में स्थित है। यह मंदिर पौराणिक कथाओं में डूबा हुआ है, महाकाव्य महाभारत से जुड़ा हुआ है, और उन आगंतुकों को आकर्षित करता है जो शांत वातावरण का आनंद लेने और तीर्थ गतिविधियों में भाग लेने के लिए आते हैं। सरिस्का टाइगर रिजर्व प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक साज़िश दोनों से मंत्रमुग्ध लोगों के लिए एक आदर्श स्थान है। यह प्रकृति से जुड़ने और वन्य जीवन की भव्यता को देखने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है, जिससे प्रकृति प्रेमियों और साहसिक चाहने वालों को इसे अवश्य देखना चाहिए।

आगंतुक दिशानिर्देश

आगंतुकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा के दौरान किसी भी कानूनी समस्या से बचने के लिए वैध आईडी प्रमाण जैसे पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या मतदाता पहचान पत्र अपने साथ रखें।

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