Roopnath Dham Katani : रूपनाथ धाम बहुत ही सुन्दर जगह जहाँ पर आपको देखने के लिए मिलेगा भगवन शिव का अद्भुद और अनोखा मंदिर जो एक छिपी हुई चट्टानों के बीच में बना हुआ है। जहां पर आपको भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर देखने को मिलेगा। साथ ही शिव पार्वती, रामसीता और राधा कृष्णा का मंदिर के भी देखने को मिलते हैं, जो बहुत ही सुन्दर हैं। प्राचीन कुंड के पास की ऊँची-ऊँची विशाल चटटानें और शिव भगवान की अदुभ्त प्रतिमा का सुन्दर स्वरूप जो आपको कहीं पर भी देखनें को नहीं मिलेगी। एक साथ कई तीर्थ स्थल के दर्शन करने मिल जाते है। यह जगह धार्मिक होने के साथ साथ प्राकृतिक खूबसूरती से भी भरी हुई है।
मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल में से एक है। रूपनाथ धाम जहाँ का वातावरण सुंदर और शांति का अनुभव करती हैं। यह जगह पूरी तरह से प्राकृतिक से भरी हुई हैं। यहां पर आपको तीन कुंड भी देखने को मिलेगें, जिन्हें राम कुंड, सीता कुंड एवं लक्ष्मण कुंड के नाम से जाना जाता है।
यह तीनों कुंड एक दूसरे के उपर बने हुए है। सबसे उपर वाले कुंड को राम कुंड, बीच वाले कुंड को सीता कुण्ड एवं नीचे वाले कुंड को लक्ष्मण कुंड के नाम से जाना जाता है। जिनकी विशेषता यह हैं, कि इन कुण्डों में वर्ष 12 महीनों तक स्वचछ और चंचल पानी भर रहता है। पहाड़ी के ऊपर एक बड़ा तालाब हैं जो दूर-दूर तक फैला हुआ हैं।
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रूपनाथ धाम का धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व
रूपनाथ धाम का बड़ा ही धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्त्व के रूप से महत्वपूर्ण जगह है। यह प्रतिमा एक अनोखी प्रतिमा है जो आपको यही पर देखने मिलेगी और कहीं और यह प्रतिमा उपलब्ध नहीं है। यह प्रतिमा एक पत्थर पर बनी हुई है। इस स्थान पर समा्रट अशोक का शिलालेख पाया गया है, जो पत्थर पर एक अनोखी लिपि से उकेरा गया है। आपको यह शिलालेख हिन्दी उच्चारण में भी देखने मिलेगा।
यहाँ की प्राचीनकाल गुफा के बारें में लोगों का मनना है, कि इस गुफा से भगवान शिव जी ने अपने आप की भस्मासुर से बचने के लिए यहाँ पर छुप गये थे। गुफा के बारे में लोगों का यह भी कहना हैं, कि यह गुफा रूपनाथ धाम से दमोह जिलें में स्थित बंदकपुर मंदिर तक जाती है।
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इस प्राचीन गुफा के माध्यम से भगवान शिव बंदकपुर में जा निकले थे, बंदकपुर का शिव मंदिर इसी कारण बहुत अधिक प्रसिध्द है।
इसलिए इस जगह को रूपनाथ धाम कहते है। यह लोगों की आस्था का मुख्य केन्द्र है। रूपनाथ धाम में शिव भगवान का पंचलिंगी प्रतिमा भी आपको देखने मिल जाएगी।
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रूपनाथ धाम में घुमने के लिए
यदि आप यहाँ पर बरसात के मौसम में घुमने के लिए आते है, तो आपको यहां पर झरनों का सोंदर्य भरा नजारा देखने मिलता हैं। यहां पर चट्टानों के उपर से बहते हुऐ झरने में पानी बुँदे जब कुंड में आती है। तो यह झरने का नजारा बहुत अच्छा लगता हैं, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
आपको यहां पर एक विशाल तालाब भी देखने मिलेगा। जिसमें बहुत सरे लोग नहाते हुए दिखाई देते हैं। यह बहुत ही बड़ा तालाब हैं, जिसका पानी कभी खत्म नहीं होता हैं। रूपनाथ धाम मंदिर के उपर जो चटटानें है जहाँ से आप यहाँ का सारा द्रश्य देख सकते हैं।
बरसात के मौसम में इस बांध का व्यू बहुत ज्यादा मनोरम होता है। यह बांध बरसात में चारों तरफ पानी से लबालब भरा हुआ दिखता हैं, बरसात के समय में आपको यहाँ दूर-दूर तक नीला पानी देखने मिलता है।
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रूपनाथ धाम का मेला
यदि आप भी भगवान शिव के दरबार में इस मेले देखने के लिए चाहते हैं तो आप भी मेला देखने के लिए आ सकते हैं। रूपनाथ धाम का मेला 14 जनवरी से लगना शुरू हो जाता हैं यह मेला पांच दिनों के लिए लगता हैं।
रूपनाथ धाम का मेला सुंदर और विशाल लगता है जहां पर लोगों की कतार बहुत अधिक संख्या में होती है इस मेले में ढेर सारी दुकान और झूले भी बड़ी संख्या में आते हैं। हर तरफ एक चहल-पेहल सी मची रहती है। चारों ओर सिर्फ लोगों की आवाज सुनाई देती हैं, यहां का मेला काफी बड़ा और यादगार होता है दूर-दूर से लोग यहां पर मेला देखने के लिए अपने खुद के वाहन या बुकिंग करके यहां पर मेला देखने के लिए आते है।
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सीक्रेट व्यू
रूपनाथ धाम का सीक्रेट व्यू यहां पर मंदिर से ऊपर जाने पर बहुत ही बड़ी चट्टान दिखाई देती है जिस के नीचे बहुत ही बड़ा और गहरा कुआं बना हुआ है जो बहुत ही कम लोगों को पता है इस कुएं को देखना तो जरूर बनता है। जिस बहुत ही कम लोगों ने देखा है।
“धर्मेंद्र सिंह आर्यन गो में सीनियर डिजिटल कंटेंट राइटर कार्यरत है। उम्र 40 साल है, शैक्षिणिक योग्यता दर्शनशास्त्र में एम.फिल है, मुझे किताबें पढ़ने, लेखन और यात्रा करने का शौक है, मेरा आहार शुद्ध शाकाहारी भोजन है। मुझे भारत के छिपे हुए पर्यटक स्थलों की खोज करने और उन पर लेख लिखने का गहरा जुनून है।
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